लंकेश रावण को शिव तांडव का रचयिता कहा जाता है। दशानन रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए उच्चारित भी किया। ऐसे तो ईश्वर के किसी भी मंत्र का जाप कभी भी किया जा सकता है, ठीक उसी तरह शिव के स्तोत्र का जाप भी ब्रह्म मुहूर्त, सूर्योदय से पहले तथा सूर्योदय के बाद जाप कभी भी किया जा सकता है। पर ऐसा कहा जाता है कि सूर्योदय से पहले या प्रदोष के समय जाप करना चाहिए। सबसे पहले स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहन लें। धूप, दीप और नैवेद्य से भगवान शिव को प्रणाम और पूजा करें। भोलेनाथ के परम भक्त विद्वान् लंकापति दशानन रावण द्वारा रचित स्तोत्र में पंचचामर छंद और कुल 17 श्लोक हैं।
शिव तांडव स्तोत्रम हिन्दू धर्म के महादेव, भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख स्तोत्र है जिसे ऋषि रावण द्वारा रचा गया था। यह स्तोत्र महाकाव्य…और देखें "शिव तांडव स्तोत्रम"
शिव तांडव जया किशोरी जी शिव तांडव जया किशोरी जी शिव तांडव जया किशोरी जी द्वारा गाया गया एक अत्यद्भुत भक्ति गीत है, जो भगवान…और देखें "शिव तांडव जया किशोरी जी"